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It is said that Krishna is the enjoyer, and Radha Rani is the expansion of his pleasure, therefore Krishna is the energy and Radha is the energetic, they cannot be separated, Krishna is in the ecstasy of Radha

चुप चुप खडे हो जरुर कोई बात हैं... पहेली मुलाकात हैं ये...पहेली मुलाकात हैं...

चुप चुप खडे हो जरुर कोई बात हैं... पहेली मुलाकात हैं ये...पहेली मुलाकात हैं...