Real God Kabir

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#StoryOfShriKrishna गीता ज्ञान दाता ने गीता अध्याय 18 के श्लोक 62 में अपने से अन्य परमेश्वर की शरण में जाने की राय दी है। कहा है कि हे भारत! (तू) सब प्रकार से उस परमेश्वर की शरण में जा (जिसके विष�य में ऊपर कहा है), उस परमात्मा की कृपा से ही तू परम शांति को तथा सनातन परम धाम को प्राप्त होगा। KABIR IS GOD Lord, Lord Vishnu, Bhagavad Gita
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#StoryOfShriKrishna गीता ज्ञान दाता ने गीता अध्याय 18 के श्लोक 62 में अपने से अन्य परमेश्वर की शरण में जाने की राय दी है। कहा है कि हे भारत! (तू) सब प्रकार से उस परमेश्वर की शरण में जा (जिसके विषय में ऊपर कहा है), उस परमात्मा की कृपा से ही तू परम शांति को तथा सनातन परम धाम को प्राप्त होगा। KABIR IS GOD
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#StoryOfShriKrishna कबीर, गोवर्धन कृष्ण ने धारयो, द्रौणागिरी हनुमंत। शेष नाग सब सृष्टि उठा रहा, इनमें कौन-कौन भगवंत।। अथार्त् गोवर्धन पवर्त को श्री कृष्ण जी ने उठाकर ब्रजवासियों की इन्द्र से रक्षा की थी। हनुमान जी ने द्रौणागिरी पार्वत को उठाया। पौराणिक व्यक्ति मानते हैं कि शेषनाग सब सृष्टि को अपने सिर रखे हुए है जिसमें पृथ्वी लोक, स्वर्ग लोक, पाताल आदि लोक हैं। इन सबको शेषनाग ने उठा रखा है। अब बताओ इनमें से किसको भगवान मानोगे? KABIR IS GOD
#StoryOfShriKrishna कबीर जी ने कहा है कि:- कबीर, अक्षर पुरूष एक पेड़ है, क्षर पुरूष वाकी डार। तीनों देवा शाखा हैं, पात रूप संसार।। अथार्त् गीता अध्याय 15 के श्लोक 1-3 में जो संकेत दिया है, उसको परमेश्वर कबीर जी ने स्पष्ट किया है कि संसार रूप वृक्ष का तना तो अक्षर पुरूष है जो सात संख ब्रह्मंडों का प्रभु (स्वामी) है। मोटी डार क्षर पुरूष है जो काल ब्रह्म (ज्योति निरंजन) भी कहा है जो इक्कीस ब्�रह्मंडों का प्रभु है। तीनों देवता (रजगुण ब्रह्मा, सतगुण विष्णु तथा तमगुण शिव) उस वृक्ष की शाखा जानो। पत्तों क Lord Shiva Stories, Krishna Birth
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#StoryOfShriKrishna कबीर जी ने कहा है कि:- कबीर, अक्षर पुरूष एक पेड़ है, क्षर पुरूष वाकी डार। तीनों देवा शाखा हैं, पात रूप संसार।। अथार्त् गीता अध्याय 15 के श्लोक 1-3 में जो संकेत दिया है, उसको परमेश्वर कबीर जी ने स्पष्ट किया है कि संसार रूप वृक्ष का तना तो अक्षर पुरूष है जो सात संख ब्रह्मंडों का प्रभु (स्वामी) है। मोटी डार क्षर पुरूष है जो काल ब्रह्म (ज्योति निरंजन) भी कहा है जो इक्कीस ब्रह्मंडों का प्रभु है। तीनों देवता (रजगुण ब्रह्मा, सतगुण विष्णु तथा तमगुण शिव) उस वृक्ष की शाखा जानो। पत्तों क
#StoryOfShriKrishna अविनाशी परमात्मा तो गीता ज्ञान दाता से अन्य है जो सर्व प्राणियों की उत्पत्ति करता है यानि जिससे यह जगत व्याप्त है। सबका धारण-पोषण करने वाला है। गीता ज्ञान दाता ने अर्जुन को उसकी शरण में जाने के लिए कहा है। कहा है कि यदि अर्जुन तू जन्म-मरण तथा जरा (वृद्धावस्था) से पूर्ण रूप से छुटकारा चाहता है तो मेरे से अन्य उस परमेश्वर (परम अक्षर ब्रह्म) की शरण में जा। प्रमाण: अध्याय 2 श्लोक 17, अध्याय 18 श्लोक 46, 61 तथा 62 KABIR IS GOD Krishna Ji, Lord Shiv, Krishna Vrindavan, Krishna Krishna, Shri Krishna
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#StoryOfShriKrishna अविनाशी परमात्मा तो गीता ज्ञान दाता से अन्य है जो सर्व प्राणियों की उत्पत्ति करता है यानि जिससे यह जगत व्याप्त है। सबका धारण-पोषण करने वाला है। गीता ज्ञान दाता ने अर्जुन को उसकी शरण में जाने के लिए कहा है। कहा है कि यदि अर्जुन तू जन्म-मरण तथा जरा (वृद्धावस्था) से पूर्ण रूप से छुटकारा चाहता है तो मेरे से अन्य उस परमेश्वर (परम अक्षर ब्रह्म) की शरण में जा। प्रमाण: अध्याय 2 श्लोक 17, अध्याय 18 श्लोक 46, 61 तथा 62 KABIR IS GOD
#StoryOfShriKrishna अविनाशी परमात्मा तो गीता ज्ञान दाता से अन्य है जो सर्व प्राणियों की उत्पत्ति करता है यानि जिससे यह जगत व्याप्त है। सबका धारण-पोषण करने वाला है। गीता ज्ञान दाता ने अर्जुन को उसकी शरण में जाने के लिए कहा है। कहा है कि यदि अर्जुन तू जन्म-मरण तथा जरा (वृद्धावस्था) से पूर्ण रूप से छुटकारा चाहता है तो मेरे से अन्य उस परमेश्वर (परम अक्षर ब्रह्म) की शरण में जा। प्रमाण: अध्याय 2 श्लोक 17, अध्याय 18 श्लोक 46, 61 तथा 62 KABIR IS GOD Guru Purnima, Story Of Krishna, Gita Quotes
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#StoryOfShriKrishna अविनाशी परमात्मा तो गीता ज्ञान दाता से अन्य है जो सर्व प्राणियों की उत्पत्ति करता है यानि जिससे यह जगत व्याप्त है। सबका धारण-पोषण करने वाला है। गीता ज्ञान दाता ने अर्जुन को उसकी शरण में जाने के लिए कहा है। कहा है कि यदि अर्जुन तू जन्म-मरण तथा जरा (वृद्धावस्था) से पूर्ण रूप से छुटकारा चाहता है तो मेरे से अन्य उस परमेश्वर (परम अक्षर ब्रह्म) की शरण में जा। प्रमाण: अध्याय 2 श्लोक 17, अध्याय 18 श्लोक 46, 61 तथा 62 KABIR IS GOD
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#StoryOfShriKrishna कबीर, राम कृष्ण अवतार हैं, इनका नाहीं संसार। जिन साहब संसार किया, सो किनहु न जनम्यां नारि।। पूर्ण परमात्मा मां के गर्भ से जन्म नहीं लेता। KABIR IS GOD
#StoryOfShriKrishna श्री कृष्ण उर्फ श्री विष्णु तीन लोक के मालिक हैं। ये भी राहत दे सकते हैं, परंतु परमेश्वर कबीर जी असंख ब्रह्मण्डों के मालिक (प्रभु) हैं। वे जो राहत दे सकते हैं, वह श्री कृष्ण (श्री विष्णु) जी नहीं दे सकते��। श्री कृष्ण जी ने तो केवल अठासी हजार ऋषियों का एक बार पेट भरा। कबीर परमेश्वर जी ने काशी शहर में अठारह लाख व्यक्तियों (साधु-संतों) का पेट तीन दिन तक दिन में दो-तीन बार भरा क्योंकि दक्षिणा के लालच में कोई प्रतिदिन तीन बार भोजन खाता था। दो बार तो प्रत्येक व्यक्ति खाता ही है। - स Almighty God Quotes, Hindi Quotes On Life
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#StoryOfShriKrishna श्री कृष्ण उर्फ श्री विष्णु तीन लोक के मालिक हैं। ये भी राहत दे सकते हैं, परंतु परमेश्वर कबीर जी असंख ब्रह्मण्डों के मालिक (प्रभु) हैं। वे जो राहत दे सकते हैं, वह श्री कृष्ण (श्री विष्णु) जी नहीं दे सकते। श्री कृष्ण जी ने तो केवल अठासी हजार ऋषियों का एक बार पेट भरा। कबीर परमेश्वर जी ने काशी शहर में अठारह लाख व्यक्तियों (साधु-संतों) का पेट तीन दिन तक दिन में दो-तीन बार भरा क्योंकि दक्षिणा के लालच में कोई प्रतिदिन तीन बार भोजन खाता था। दो बार तो प्रत्येक व्यक्ति खाता ही है। - स
#StoryOfShriKrishna गीता अध्याय 2 श्लोक 12:- इसमें गीता ज्ञान बोलने वाले ने कहा है कि ‘‘न तो ऐसा ही (है कि) मैं किसी काल में नहीं था। और तू नहीं था अथवा ये राजा लोग नहीं थे और न ऐसा (है कि) इससे आगे हम (मैं, तू तथा ये राजा व सैनिक) सब (आगे) नहीं रहेंगे। गीता अध्याय 4 का श्लोक 5 में गीता बोलने वाला ने स्पष्ट कहा है कि हे परन्तप अजुर्न! मेरे और तेरे बहुत जन्म हो चुके हैं। उन सबको तू नहीं जानता, मैं जानता हूँ। विवेचन:- उपरोक्त श्लोकों से स्पष्ट हो गया है कि गीता ज्ञान दाता नाशवान है। उसका जन्म-मृत् Knowledge
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#StoryOfShriKrishna गीता अध्याय 2 श्लोक 12:- इसमें गीता ज्ञान बोलने वाले ने कहा है कि ‘‘न तो ऐसा ही (है कि) मैं किसी काल में नहीं था। और तू नहीं था अथवा ये राजा लोग नहीं थे और न ऐसा (है कि) इससे आगे हम (मैं, तू तथा ये राजा व सैनिक) सब (आगे) नहीं रहेंगे। गीता अध्याय 4 का श्लोक 5 में गीता बोलने वाला ने स्पष्ट कहा है कि हे परन्तप अजुर्न! मेरे और तेरे बहुत जन्म हो चुके हैं। उन सबको तू नहीं जानता, मैं जानता हूँ। विवेचन:- उपरोक्त श्लोकों से स्पष्ट हो गया है कि गीता ज्ञान दाता नाशवान है। उसका जन्म-मृत्
#StoryOfShriKrishna श्री कृष्ण जी तीन लोक (पृथ्वी लोक, स्वर्ग लोक तथा पाताल लोक)के प्रभु हैं। ये भी राहत दे सकते हैं, परंतु परमेश्वर कबीर जी असँख्यों लोकों के प्रभु हैं। ये श्री कृष्ण से अधिक राहत यहाँ पृथ्वी लोक पर भी देते हैं तथा अपने भक्त/भक्तमति को पूर्ण मोक्ष प्रदान करके अमर लोक में भेज देते हैं। परम शांति प्रदान करते हैं। परमेश्वर कबीर जी ने तैमूरलंग की एक रोटी खाकर उसे सात पीढ़ी का राज दे दिया था। - संत रामपाल जी महाराज KABIR IS GOD
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#StoryOfShriKrishna श्री कृष्ण जी तीन लोक (पृथ्वी लोक, स्वर्ग लोक तथा पाताल लोक)के प्रभु हैं। ये भी राहत दे सकते हैं, परंतु परमेश्वर कबीर जी असँख्यों लोकों के प्रभु हैं। ये श्री कृष्ण से अधिक राहत यहाँ पृथ्वी लोक पर भी देते हैं तथा अपने भक्त/भक्तमति को पूर्ण मोक्ष प्रदान करके अमर लोक में भेज देते हैं। परम शांति प्रदान करते हैं। परमेश्वर कबीर जी ने तैमूरलंग की एक रोटी खाकर उसे सात पीढ़ी का राज दे दिया था। - संत रामपाल जी महाराज KABIR IS GOD