MahaMedia Magazine

Collection by Mahamedia Magazine

19 
Pins
Mahamedia Magazine
महर्षि महेश योगी जी का योग विज्ञान में योगदान : - सारे अपने कार्य जो हैं, एक-एक स्तर को बताने वाले एक-एक कार्यक्रम जो अपने हैं, वो इसी से अन्दाज लगता है कि अब कल से इतना अधिक सत्व बढ़ा, अब कल से इतना अधिक सत्व विश्व चेतना में बढ़ा, अपने आन्दोलन के कार्यों का और कहीं से भी हम राजनीति की बातें यहाँ-वहाँ की सुनते हैं, कोई व्यर्थ की बातें यहाँ-वहाँ की सुनते हैं, उससे हमारी चेतना में ये मिलता है कि अभी विश्व चेतना में कितना स्तर है। Cool Magazine, Spirituality, Movie Posters, Film Poster, Spiritual, Billboard, Film Posters

महर्षि महेश योगी जी का योग विज्ञान में योगदान

महर्षि महेश योगी जी का योग विज्ञान में योगदान : - सारे अपने कार्य जो हैं, एक-एक स्तर को बताने वाले एक-एक कार्यक्रम जो अपने हैं, वो इसी से अन्दाज लगता है कि अब कल से इतना अधिक सत्व बढ़ा, अब कल से इतना अधिक सत्व विश्व चेतना में बढ़ा, अपने आन्दोलन के कार्यों का और कहीं से भी हम राजनीति की बातें यहाँ-वहाँ की सुनते हैं, कोई व्यर्थ की बातें यहाँ-वहाँ की सुनते हैं, उससे हमारी चेतना में ये मिलता है कि अभी विश्व चेतना में कितना स्तर है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार एलोपौथिक औषधियों के दुष्प्रभाव (साइड इफेक्ट) को ध्यान में रखते हुए संसार की 80 प्रतिशत से अधिक जनसंख्या अपनी स्वास्थ्य रक्षा की प्राथमिक आवश्यकताओं के लिए पारंपरिक चिकित्सा पर विश्ववास करने लगी है। इसी विश्वास के चलते आज हर्बल (जड़ी-बूटी) उत्पादों का अंतरराष्ट्रीय बाजार 67 बिलियन अमेरिकी डॉलर की सीमा को पार कर रहा है। अनुमान है कि वर्ष 2050 तक यह हर्बल बाजार वार्षिक 5 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर का हो जाएगा। मैगज़ीन खरीदने के लिए संपर्क करे : - फ़ोन : 91-755-4097210 Cool Magazine

पहला सुख निरोगी काया - आयुर्वेद

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार एलोपौथिक औषधियों के दुष्प्रभाव (साइड इफेक्ट) को ध्यान में रखते हुए संसार की 80 प्रतिशत से अधिक जनसंख्या अपनी स्वास्थ्य रक्षा की प्राथमिक आवश्यकताओं के लिए पारंपरिक चिकित्सा पर विश्ववास करने लगी है। इसी विश्वास के चलते आज हर्बल (जड़ी-बूटी) उत्पादों का अंतरराष्ट्रीय बाजार 67 बिलियन अमेरिकी डॉलर की सीमा को पार कर रहा है। अनुमान है कि वर्ष 2050 तक यह हर्बल बाजार वार्षिक 5 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर का हो जाएगा। मैगज़ीन खरीदने के लिए संपर्क करे : - फ़ोन : 91-755-4097210

आध्यात्मिक वैश्वीकरण दीपावली पर्व !! 'महामीडिया' ने यदि अपनी पठन सामग्री में तत्कालीन समस्याओं को समाहित करते हुए राष्ट्र में व्याप्त अशिक्षा, अनीति और भ्रष्टाचार पर आधारित लेखों को समाहित करता रहा तब भी आवरण कथाओं और आवरण पर सदैव सकारात्मकता को प्रस्तुत किया, कारण स्पष्ट था कि सदैव आशा का दामन थामे रहना चाहिए, अंधेरे के पश्चात् प्रकाश का आगमन सुनिश्चित है। सामज कभी सकारात्मकता को न त्यागे और सदैव आशावादी बना रहे यही हमारा प्रयास है। Magazines For Kids, English Online, India, Prints, Goa India, Children's Magazines, Indie, Indian

आध्यात्मिक वैश्वीकरण दीपावली पर्व !!

आध्यात्मिक वैश्वीकरण दीपावली पर्व !! 'महामीडिया' ने यदि अपनी पठन सामग्री में तत्कालीन समस्याओं को समाहित करते हुए राष्ट्र में व्याप्त अशिक्षा, अनीति और भ्रष्टाचार पर आधारित लेखों को समाहित करता रहा तब भी आवरण कथाओं और आवरण पर सदैव सकारात्मकता को प्रस्तुत किया, कारण स्पष्ट था कि सदैव आशा का दामन थामे रहना चाहिए, अंधेरे के पश्चात् प्रकाश का आगमन सुनिश्चित है। सामज कभी सकारात्मकता को न त्यागे और सदैव आशावादी बना रहे यही हमारा प्रयास है।

राष्ट्रीय सामाजिक, मासिक पत्रिका महामिडिया का प्रत्येक अंक पठनीय एवं संग्रहणीय है, क्योकि ज्ञान सदैव जीवन में नवीनता का संचार करता है | अंतः किसी कारणवश आप महामिडिया के पूर्व प्रकाशित अंक पढ़ने से वंचित रह गए हो तो आप वह अंक पुनः प्राप्त कर सकते है | Maha Media Magazine Cool Magazine, Spirituality, Spiritual

Mahamedia Magazine

राष्ट्रीय सामाजिक, मासिक पत्रिका महामिडिया का प्रत्येक अंक पठनीय एवं संग्रहणीय है, क्योकि ज्ञान सदैव जीवन में नवीनता का संचार करता है | अंतः किसी कारणवश आप महामिडिया के पूर्व प्रकाशित अंक पढ़ने से वंचित रह गए हो तो आप वह अंक पुनः प्राप्त कर सकते है | Maha Media Magazine

सुन्दर घने वन में एक वृक्ष के साथ लिपटी एक लता धीरे-धीरे वृक्ष के समान ऊंची हो गई। वृक्ष का आश्रय पाकर उसने भी फलना-फूलना आरंभ कर दिया। यह सब देखकर वृक्ष अहंकार से भर उठा। पूर्व प्रकाशित अंक पढ़ने से वंचित रह गए हो तो आप वह अंक पुनः प्राप्त कर सकते है | Cool Magazine

अहंकार

सुन्दर घने वन में एक वृक्ष के साथ लिपटी एक लता धीरे-धीरे वृक्ष के समान ऊंची हो गई। वृक्ष का आश्रय पाकर उसने भी फलना-फूलना आरंभ कर दिया। यह सब देखकर वृक्ष अहंकार से भर उठा। पूर्व प्रकाशित अंक पढ़ने से वंचित रह गए हो तो आप वह अंक पुनः प्राप्त कर सकते है |

राष्ट्रीय सामाजिक, मासिक पत्रिका महामिडिया का प्रत्येक अंक पठनीय एवं संग्रहणीय है, क्योकि ज्ञान सदैव जीवन में नवीनता का संचार करता है | अंतः किसी कारणवश आप महामिडिया के पूर्व प्रकाशित अंक पढ़ने से वंचित रह गए हो तो आप वह अंक पुनः प्राप्त कर सकते है | Maha Media Magazine Paper News, Cool Magazine, Spirituality, Language, Ads, Movie Posters, Film Poster, Spiritual, Languages

राष्ट्रीय सामाजिक, मासिक पत्रिका महामिडिया

राष्ट्रीय सामाजिक, मासिक पत्रिका महामिडिया का प्रत्येक अंक पठनीय एवं संग्रहणीय है, क्योकि ज्ञान सदैव जीवन में नवीनता का संचार करता है | अंतः किसी कारणवश आप महामिडिया के पूर्व प्रकाशित अंक पढ़ने से वंचित रह गए हो तो आप वह अंक पुनः प्राप्त कर सकते है | Maha Media Magazine

श्राद्ध कर्म श्रद्धा का विषय है। यह पितरों के प्रति हमारी श्रद्धा प्रकट करने का माध्यम है। श्राद्ध आत्मा के गमन जिसे संस्कृत में प्रैति कहते हैं, से जुड़ा हुआ है। प्रैति ही बाद में बोलचाल में प्रेत बन गया। यह कोई भूत-प्रेत वाली बात नहीं है। शरीर में आत्मा के अतिरिक्त मन और प्राण हैं। आत्मा तो कहीं नहीं जाती, वह तो सर्वव्यापक है, उसे छोड़ दें तो शरीर से जब मन को निकलना होता है, तो मन प्राण के साथ निकलता है। Cool Magazine, Spirituality, Prints, Spiritual

श्राद्ध कर्म

श्राद्ध कर्म श्रद्धा का विषय है। यह पितरों के प्रति हमारी श्रद्धा प्रकट करने का माध्यम है। श्राद्ध आत्मा के गमन जिसे संस्कृत में प्रैति कहते हैं, से जुड़ा हुआ है। प्रैति ही बाद में बोलचाल में प्रेत बन गया। यह कोई भूत-प्रेत वाली बात नहीं है। शरीर में आत्मा के अतिरिक्त मन और प्राण हैं। आत्मा तो कहीं नहीं जाती, वह तो सर्वव्यापक है, उसे छोड़ दें तो शरीर से जब मन को निकलना होता है, तो मन प्राण के साथ निकलता है।

नवरात्र से नवजीवन !! राष्ट्रीय सामाजिक, मासिक पत्रिका महामिडिया का प्रत्येक अंक पठनीय एवं संग्रहणीय है, क्योकि ज्ञान सदैव जीवन में नवीनता का संचार करता है | अंतः किसी कारणवश आप महामिडिया के पूर्व प्रकाशित अंक पढ़ने से वंचित रह गए हो तो आप वह अंक पुनः प्राप्त कर सकते है | Maha Media Magazine Cool Magazine, Spirituality, Spiritual

नवरात्र से नवजीवन

नवरात्र से नवजीवन !! राष्ट्रीय सामाजिक, मासिक पत्रिका महामिडिया का प्रत्येक अंक पठनीय एवं संग्रहणीय है, क्योकि ज्ञान सदैव जीवन में नवीनता का संचार करता है | अंतः किसी कारणवश आप महामिडिया के पूर्व प्रकाशित अंक पढ़ने से वंचित रह गए हो तो आप वह अंक पुनः प्राप्त कर सकते है | Maha Media Magazine

‘महामीडिया‘ ने सनसनी पर समाधान की विजय का मार्ग अपनाया और चारों ओर व्याप्त हिंसा, भ्रष्टाचार, तनाव पर आनंद की विजय की राह चुनी। राष्ट्रीय, सामाजिक मासिक पत्रिका ‘महामीडिया‘ पाठकों के जीवन में आनंद की खोज का पर्याय बने यही उद्देष्य लेकर महामिडिया की यात्रा का आंरभा हुआ और यह यात्रा परमपूज्य महर्षि के आशीष से अनवरत चल रही है। किसी कारणवश आप महामिडिया के पूर्व प्रकाशित अंक पढ़ने से वंचित रह गए हो तो आप वह अंक पुनः प्राप्त कर सकते है | Monthly Magazine, Cool Magazine, Spirituality, Spiritual

महामीडिया

‘महामीडिया‘ ने सनसनी पर समाधान की विजय का मार्ग अपनाया और चारों ओर व्याप्त हिंसा, भ्रष्टाचार, तनाव पर आनंद की विजय की राह चुनी। राष्ट्रीय, सामाजिक मासिक पत्रिका ‘महामीडिया‘ पाठकों के जीवन में आनंद की खोज का पर्याय बने यही उद्देष्य लेकर महामिडिया की यात्रा का आंरभा हुआ और यह यात्रा परमपूज्य महर्षि के आशीष से अनवरत चल रही है। किसी कारणवश आप महामिडिया के पूर्व प्रकाशित अंक पढ़ने से वंचित रह गए हो तो आप वह अंक पुनः प्राप्त कर सकते है |

भावातीत ध्यान के द्वारा मन के आनन्द की ओर जाने के स्वभाव का अनुसरण करते हुए मनुष्य न मात्र आत्मानन्द का अनुभव करता है वरन् मन के द्वारा अत्यन्त व्यापकता का अनुभव होने से व्यक्ति के व्यपहार में व्यापकता आ जाती है, प्रकृति के नियमों के स्त्रोत से एकरूप होने से सहज रूप से प्रकृति के नियम व्यक्ति की चेतना में जाग्रत रहते हैं तथा उसके कार्य सहज स्वाभाविक रूप से सदैव प्रकृति के नियमानुसार होते हैं। Higher State Of Consciousness, Collective Consciousness, Maharishi Mahesh Yogi, Brain Waves, English Online, World Peace, Meditation, Religion, Aurora Sleeping Beauty

भावातीत ध्यान

भावातीत ध्यान के द्वारा मन के आनन्द की ओर जाने के स्वभाव का अनुसरण करते हुए मनुष्य न मात्र आत्मानन्द का अनुभव करता है वरन् मन के द्वारा अत्यन्त व्यापकता का अनुभव होने से व्यक्ति के व्यपहार में व्यापकता आ जाती है, प्रकृति के नियमों के स्त्रोत से एकरूप होने से सहज रूप से प्रकृति के नियम व्यक्ति की चेतना में जाग्रत रहते हैं तथा उसके कार्य सहज स्वाभाविक रूप से सदैव प्रकृति के नियमानुसार होते हैं।

“Greetings From Ramrajtv ” It is our joy to inform you that we are having a live telecast on the occasion of Vishwakarma Jayanti. The celebration will be held under the guidance of Brahmchari Girish Ji, Honable Chairman Maharishi Group on 17 September 2020, at 5.45 PM , at Gurudev Brahmanand Saraswati Ashram, Bhojpur Mandir Road, Chhan, Bhopal, MP. Devotional Songs, Light Music, World Peace, Classical Music, Centre, Promotion, Hold On, Celebration, September

Vishwakarma Jayanti

“Greetings From Ramrajtv ” It is our joy to inform you that we are having a live telecast on the occasion of Vishwakarma Jayanti. The celebration will be held under the guidance of Brahmchari Girish Ji, Honable Chairman Maharishi Group on 17 September 2020, at 5.45 PM , at Gurudev Brahmanand Saraswati Ashram, Bhojpur Mandir Road, Chhan, Bhopal, MP.

‘आज की विचित्र शिक्षा- पद्धति के कारण जीवन के दो टुकड़े हो जाते हैं। पन्द्रह से बीस वर्ष तक व्यक्ति जीने के झंझट में न पड़कर मात्र शिक्षा प्राप्त करें और बाद में, शिक्षण को बस्ते में लपेटकर रख, मृत्यु तक जियें। भगवान ने अर्जुन से कुरुक्षेत्र में ही भगवद्गीता कही। पहले भगवद्गीता का पाठ 'क्लास' लेकर फिर अर्जुन को कुरुक्षेत्र में नहीं ढकेला। तभी अर्जुन को वह गीता पची। Maha Media Magazine #Education_Policy #My_Education #My_Language Cool Magazine, Spirituality, Language, Education, Laughing, Spiritual, Languages, Onderwijs

My Education My Language

‘आज की विचित्र शिक्षा- पद्धति के कारण जीवन के दो टुकड़े हो जाते हैं। पन्द्रह से बीस वर्ष तक व्यक्ति जीने के झंझट में न पड़कर मात्र शिक्षा प्राप्त करें और बाद में, शिक्षण को बस्ते में लपेटकर रख, मृत्यु तक जियें। भगवान ने अर्जुन से कुरुक्षेत्र में ही भगवद्गीता कही। पहले भगवद्गीता का पाठ 'क्लास' लेकर फिर अर्जुन को कुरुक्षेत्र में नहीं ढकेला। तभी अर्जुन को वह गीता पची। Maha Media Magazine #Education_Policy #My_Education #My_Language

नया भारत :- ‘'नया भारत, समर्थ भारत' संकल्प से सिद्धि की ओर बढ़ता भारत है, जिसमें स्वच्छता, स्वास्थ्य, गरीबी, भ्रष्टाचार, ग्रामोदय, नारी सशक्तीकरण, कुपोषण, कृषि तथा किसान की दशा, विविध आयामी सद्भाव तथा बुनियादी ढाँचा आदि अनेक ऐसे प्रमुख विषय हैं | Maha Media Magazine Thing 1, Cool Magazine, Spirituality, Spiritual

नया भारत

नया भारत :- ‘'नया भारत, समर्थ भारत' संकल्प से सिद्धि की ओर बढ़ता भारत है, जिसमें स्वच्छता, स्वास्थ्य, गरीबी, भ्रष्टाचार, ग्रामोदय, नारी सशक्तीकरण, कुपोषण, कृषि तथा किसान की दशा, विविध आयामी सद्भाव तथा बुनियादी ढाँचा आदि अनेक ऐसे प्रमुख विषय हैं | Maha Media Magazine

मनुष्य या किसी भी प्राणी या विश्व ब्रह्मण्ड के जीवन का आधार चेतना है। आज के वातावरण में शिक्षा जगत चेतना की शिक्षा से अनभिज्ञ है। बाल मंदिर से विद्यावारिधि या विद्यावाचस्पति तक के पाठ्यक्रमों में कहीं भी चेतना की शिक्षा का समावेश नहीं है। महर्षि जी ने समस्त विश्व में बड़ी संख्या में शैक्षणिक संस्थानों की स्थापना की और चेतना पर आधारित-आत्मा पर आधारित शिक्षा को वर्तमान शिक्षा की मुख्य धारा में सम्मिलित किया।  Maha Media Magazine #Maharishi_Prawah #Maharishi_Mahesh_Yogi_Ji Maharishi Mahesh Yogi, Saints Of India, Guru Purnima, Motivational Stories, Spirituality, Yoga, Creative, Outdoor Decor, Painting

Maharishi Prawah

मनुष्य या किसी भी प्राणी या विश्व ब्रह्मण्ड के जीवन का आधार चेतना है। आज के वातावरण में शिक्षा जगत चेतना की शिक्षा से अनभिज्ञ है। बाल मंदिर से विद्यावारिधि या विद्यावाचस्पति तक के पाठ्यक्रमों में कहीं भी चेतना की शिक्षा का समावेश नहीं है। महर्षि जी ने समस्त विश्व में बड़ी संख्या में शैक्षणिक संस्थानों की स्थापना की और चेतना पर आधारित-आत्मा पर आधारित शिक्षा को वर्तमान शिक्षा की मुख्य धारा में सम्मिलित किया। Maha Media Magazine #Maharishi_Prawah #Maharishi_Mahesh_Yogi_Ji

मनुष्य या किसी भी प्राणी या विश्व ब्रह्मण्ड के जीवन का आधार चेतना है। आज के वातावरण में शिक्षा जगत चेतना की शिक्षा से अनभिज्ञ है। बाल मंदिर से विद्यावारिधि या विद्यावाचस्पति तक के पाठ्यक्रमों में कहीं भी चेतना की शिक्षा का समावेश नहीं है। महर्षि जी ने समस्त विश्व में बड़ी संख्या में शैक्षणिक संस्थानों की स्थापना की और चेतना पर आधारित-आत्मा पर आधारित शिक्षा को वर्तमान शिक्षा की मुख्य धारा में सम्मिलित किया।  और पढ़े : -  Maha Media Magazine #Maharishi_Prawah #Maharishi_Mahesh_Yogi_Ji Maharishi Mahesh Yogi, Saints Of India, Guru Purnima, Motivational Stories, Spirituality, Yoga, Creative, Outdoor Decor, Painting

Maharishi Prawah

मनुष्य या किसी भी प्राणी या विश्व ब्रह्मण्ड के जीवन का आधार चेतना है। आज के वातावरण में शिक्षा जगत चेतना की शिक्षा से अनभिज्ञ है। बाल मंदिर से विद्यावारिधि या विद्यावाचस्पति तक के पाठ्यक्रमों में कहीं भी चेतना की शिक्षा का समावेश नहीं है। महर्षि जी ने समस्त विश्व में बड़ी संख्या में शैक्षणिक संस्थानों की स्थापना की और चेतना पर आधारित-आत्मा पर आधारित शिक्षा को वर्तमान शिक्षा की मुख्य धारा में सम्मिलित किया। और पढ़े : - Maha Media Magazine #Maharishi_Prawah #Maharishi_Mahesh_Yogi_Ji

महर्षि ज्योतिष की तुलना 'वेद की आँख' से की गई है। हम अपने जीवन में 'आँखों के मूल्य' के बारे में जानते हैं। यह वास्तव में हमारे लिए सभी प्रकाश लाता है। क्योंकि 'ज्योति' भी प्रकाश का मतलब है। इसलिए महर्षि ज्योतिष का ज्ञान हमारे जीवन में और अधिक प्रकाश लाता है। अब भले ही ज्योतिष के इस ज्ञान की अविस्मरणीय समय से भारत के महान संतों की जानकारी थी।. #Astrology Maha Media Magazine Maharishi Mahesh Yogi, Cool Magazine, English Online, Religion, Spirituality, Baseball Cards, Spiritual

Maharishi Jyotish

महर्षि ज्योतिष की तुलना 'वेद की आँख' से की गई है। हम अपने जीवन में 'आँखों के मूल्य' के बारे में जानते हैं। यह वास्तव में हमारे लिए सभी प्रकाश लाता है। क्योंकि 'ज्योति' भी प्रकाश का मतलब है। इसलिए महर्षि ज्योतिष का ज्ञान हमारे जीवन में और अधिक प्रकाश लाता है। अब भले ही ज्योतिष के इस ज्ञान की अविस्मरणीय समय से भारत के महान संतों की जानकारी थी।. #Astrology Maha Media Magazine