8. :आठवां अध्याय | चाणक्य नीति| Chanakya Neeti [In Hindi]: Eighth Chapter

महान आचर्य चाणक्य ( THE INDIAN ACHARYA)
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उस यज्ञ के समान कोई शत्रु नहीं जिसके उपरांत लोगो को बड़े पैमाने पर भोजन ना कराया जाए. ऐसा यज्ञ राज्यों को ख़तम कर देता है. यदि पुरोहित यज्ञ में ठीक से उच्चारण ना करे तो यज्ञ उसे ख़तम कर देता है. और यदि यजमान लोगो को दान एवं भेटवस्तू ना दे तो वह भी यज्ञ द्वारा ख़तम हो जाता है.  There is no enemy like a yajna (sacrifice) which consumes the kingdom when not attended by feeding on a large scale; consumes the priest when the chanting is not done properly; and consumes the yajaman (the responsible…

उस यज्ञ के समान कोई शत्रु नहीं जिसके उपरांत लोगो को बड़े पैमाने पर भोजन ना कराया जाए. ऐसा यज्ञ राज्यों को ख़तम कर देता है. यदि पुरोहित यज्ञ में ठीक से उच्चारण ना करे तो यज्ञ उसे ख़तम कर देता है. और यदि यजमान लोगो को दान एवं भेटवस्तू ना दे तो वह भी यज्ञ द्वारा ख़तम हो जाता है. There is no enemy like a yajna (sacrifice) which consumes the kingdom when not attended by feeding on a large scale; consumes the priest when the chanting is not done properly; and consumes the yajaman (the responsible…

यह धरती उन लोगो के भार से दबी जा रही है, जो मास खाते है, दारू पीते है, बेवकूफ है, वे सब तो आदमी होते हुए पशु ही है.  The earth is encumbered with the weight of the flesh-eaters, winebibblers, dolts (dull and stupid) and blockheads, who are beasts in the form of men.

यह धरती उन लोगो के भार से दबी जा रही है, जो मास खाते है, दारू पीते है, बेवकूफ है, वे सब तो आदमी होते हुए पशु ही है. The earth is encumbered with the weight of the flesh-eaters, winebibblers, dolts (dull and stupid) and blockheads, who are beasts in the form of men.

जो लोग दिखने में सुन्दर है, जवान है, ऊँचे कुल में पैदा हुए है, वो बेकार है यदि उनके पास विद्या नहीं है. वो तो पलाश के फूल के समान है जो दिखते तो अच्छे है पर महकते नहीं.  Those who are endowed with beauty and youth and who are born of noble families are worthless if they have no learning. They are just like the kimshuka blossoms ( flowers of the palasa tree) which, though beautiful, have no fragrance.

जो लोग दिखने में सुन्दर है, जवान है, ऊँचे कुल में पैदा हुए है, वो बेकार है यदि उनके पास विद्या नहीं है. वो तो पलाश के फूल के समान है जो दिखते तो अच्छे है पर महकते नहीं. Those who are endowed with beauty and youth and who are born of noble families are worthless if they have no learning. They are just like the kimshuka blossoms ( flowers of the palasa tree) which, though beautiful, have no fragrance.

विद्वान् व्यक्ति लोगो से सम्मान पाता है. विद्वान् उसकी विद्वत्ता के लिए हर जगह सम्मान पाता है. यह बिलकुल सच है की विद्या हर जगह सम्मानित है.  A learned man is honoured by the people. A learned man commands respect everywhere for his learning. Indeed, learning is honoured everywhere.

विद्वान् व्यक्ति लोगो से सम्मान पाता है. विद्वान् उसकी विद्वत्ता के लिए हर जगह सम्मान पाता है. यह बिलकुल सच है की विद्या हर जगह सम्मानित है. A learned man is honoured by the people. A learned man commands respect everywhere for his learning. Indeed, learning is honoured everywhere.

विद्वान् व्यक्ति लोगो से सम्मान पाता है. विद्वान् उसकी विद्वत्ता के लिए हर जगह सम्मान पाता है. यह बिलकुल सच है की विद्या हर जगह सम्मानित है.  A learned man is honoured by the people. A learned man commands respect everywhere for his learning. Indeed, learning is honoured everywhere.

विद्वान् व्यक्ति लोगो से सम्मान पाता है. विद्वान् उसकी विद्वत्ता के लिए हर जगह सम्मान पाता है. यह बिलकुल सच है की विद्या हर जगह सम्मानित है. A learned man is honoured by the people. A learned man commands respect everywhere for his learning. Indeed, learning is honoured everywhere.

असंतुष्ट ब्राह्मण, संतुष्ट राजा, लज्जा रखने वाली वेश्या, कठोर आचरण करने वाली गृहिणी ये सभी लोग विनाश को प्राप्त होते है.  Discontented brahmanas, contented kings, shy prostitutes, and immodest housewives are ruined.   क्या करना उचे कुल का यदि बुद्धिमत्ता ना हो. एक नीच कुल में उत्पन्न होने वाले विद्वान् व्यक्ति का सम्मान देवता भी करते है.  Of what avail is a high birth if a person is destitute of scholarship? A man who is of low extraction is honoured even by the demigods if he is learned.

असंतुष्ट ब्राह्मण, संतुष्ट राजा, लज्जा रखने वाली वेश्या, कठोर आचरण करने वाली गृहिणी ये सभी लोग विनाश को प्राप्त होते है. Discontented brahmanas, contented kings, shy prostitutes, and immodest housewives are ruined. क्या करना उचे कुल का यदि बुद्धिमत्ता ना हो. एक नीच कुल में उत्पन्न होने वाले विद्वान् व्यक्ति का सम्मान देवता भी करते है. Of what avail is a high birth if a person is destitute of scholarship? A man who is of low extraction is honoured even by the demigods if he is learned.

जो जल धरती में समां गया वो शुद्ध है. परिवार को समर्पित पत्नी शुद्ध है. लोगो का कल्याण करने वाला राजा शुद्ध है. वह ब्राह्मण शुद्ध है जो संतुष्ट है.  Water seeping into the earth is pure; and a devoted wife is pure; the king who is the benefactor of his people is pure; and pure is the brahmana who is contented.

जो जल धरती में समां गया वो शुद्ध है. परिवार को समर्पित पत्नी शुद्ध है. लोगो का कल्याण करने वाला राजा शुद्ध है. वह ब्राह्मण शुद्ध है जो संतुष्ट है. Water seeping into the earth is pure; and a devoted wife is pure; the king who is the benefactor of his people is pure; and pure is the brahmana who is contented.

निति भ्रष्ट होने से सुन्दरता का नाश होता है. हीन आचरण से अच्छे कुल का नाश होता है. पूर्णता न आने से विद्या का नाश होता है. उचित विनियोग के बिना धन का नाश होता है.  Beauty is spoiled by an immoral nature; noble birth by bad conduct; learning, without being perfected; and wealth by not being properly utilised.

निति भ्रष्ट होने से सुन्दरता का नाश होता है. हीन आचरण से अच्छे कुल का नाश होता है. पूर्णता न आने से विद्या का नाश होता है. उचित विनियोग के बिना धन का नाश होता है. Beauty is spoiled by an immoral nature; noble birth by bad conduct; learning, without being perfected; and wealth by not being properly utilised.

नीति की उत्तमता ही व्यक्ति के सौंदर्य का गहना है. उत्तम आचरण से व्यक्ति उत्तरोत्तर ऊँचे लोक में जाता है. सफलता ही विद्या का आभूषण है. उचित विनियोग ही संपत्ति का गहना है.  Moral excellence is an ornament for personal beauty; righteous conduct, for high birth; success for learning; and proper spending for wealth

नीति की उत्तमता ही व्यक्ति के सौंदर्य का गहना है. उत्तम आचरण से व्यक्ति उत्तरोत्तर ऊँचे लोक में जाता है. सफलता ही विद्या का आभूषण है. उचित विनियोग ही संपत्ति का गहना है. Moral excellence is an ornament for personal beauty; righteous conduct, for high birth; success for learning; and proper spending for wealth

क्रोध साक्षात् यम है. तृष्णा नरक की और ले जाने वाली वैतरणी है. ज्ञान कामधेनु है. संतोष ही तो नंदनवन है.  Anger is a personification of Yama (the demigod of death); thirst is like the hellish river Vaitarani; knowledge is like a kamadhenu (the cow of plenty); and contentment is like Nandanavana (the garden of Indra).

क्रोध साक्षात् यम है. तृष्णा नरक की और ले जाने वाली वैतरणी है. ज्ञान कामधेनु है. संतोष ही तो नंदनवन है. Anger is a personification of Yama (the demigod of death); thirst is like the hellish river Vaitarani; knowledge is like a kamadhenu (the cow of plenty); and contentment is like Nandanavana (the garden of Indra).

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