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पाकिस्तान के अग्रिम क्रांतिकारी ग़ज़लकार, शायर हबीब जालिब 24 मार्च 1929 को होशियारपुर ( ब्रिटिश इंडिया ) में पैदा हुए. हबीब देश बंटवारे के वक़्त पाकिस्तान चले गए, वहाँ पर उन्होंने डेली पत्रिका ' इमरोज़ ' में प्रूफ रीडर के तौर पर काम करना शुरू कर दिया.009 में उनको पाकिस्तान सरकार ने नागरिकता का उच्च सम्मान ‘ निशान-ए-इम्तियाज़ ’ से सम्मानित किया था.  #habibjalib #diwanekhasshayari #shayari

पाकिस्तान के अग्रिम क्रांतिकारी ग़ज़लकार, शायर हबीब जालिब 24 मार्च 1929 को होशियारपुर ( ब्रिटिश इंडिया ) में पैदा हुए. हबीब देश बंटवारे के वक़्त पाकिस्तान चले गए, वहाँ पर उन्होंने डेली पत्रिका ' इमरोज़ ' में प्रूफ रीडर के तौर पर काम करना शुरू कर दिया.009 में उनको पाकिस्तान सरकार ने नागरिकता का उच्च सम्मान ‘ निशान-ए-इम्तियाज़ ’ से सम्मानित किया था. #habibjalib #diwanekhasshayari #shayari

नोशी गिलानी भावालपुर पाकिस्तान में 1964 को पैदा हुई. शादी की बाद वह आस्ट्रलिया में बस गई. गिलानी की गिनती उर्दू की युवा शायराओं में की जाती है.वह पाकिस्तान की अलावा आस्ट्रलिया, कनाडा, और यूनाइटेड स्टेट में मुशायरों में शिरकत कर चुकी हैं. 2008 में उनकी शायरी अंग्रेजी में अनुवादित हो चुकी है, गिलानी की अन्य किताबें हैं- ‘’उदास होने के दिन नहीं ’ , ‘पहला लफ्ज़ मुहब्बत लिखा ’, ‘ हम तेरा इंतज़ार करते हैं ’, आदि हैं. #noshigeelani #femalepoets #diwanekhasshayari

नोशी गिलानी भावालपुर पाकिस्तान में 1964 को पैदा हुई. शादी की बाद वह आस्ट्रलिया में बस गई. गिलानी की गिनती उर्दू की युवा शायराओं में की जाती है.वह पाकिस्तान की अलावा आस्ट्रलिया, कनाडा, और यूनाइटेड स्टेट में मुशायरों में शिरकत कर चुकी हैं. 2008 में उनकी शायरी अंग्रेजी में अनुवादित हो चुकी है, गिलानी की अन्य किताबें हैं- ‘’उदास होने के दिन नहीं ’ , ‘पहला लफ्ज़ मुहब्बत लिखा ’, ‘ हम तेरा इंतज़ार करते हैं ’, आदि हैं. #noshigeelani #femalepoets #diwanekhasshayari

01, जनवरी 1950 को इन्दौर में मक़बूल शायर, गीतकार, चित्रकार, शिक्षावादी, बुद्धिजीवी डा. राहत इन्दौरी जी का जन्म हुआ। राहत इन्दौरी जी की प्राइमरी और सैकण्डरी तालीम नूतन स्कूल इन्दौर से हुई और सन् 1973 में उन्होंने इस्लामिया करीमिया कालेज से स्नातक (गोल्ड मेडलिस्ट) एवं सन् 1975 में स्नातकोत्तर उर्दू साहित्य में बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय भोपाल से किया। सन् 1985 में उनको अपने शोध “उर्दू में मुशायरा’ केलिए पी.एच.डी की उपाधि से भी नवाज़ा गया।  #rahatindori #bollywood #diwanekhas #ghazal

01, जनवरी 1950 को इन्दौर में मक़बूल शायर, गीतकार, चित्रकार, शिक्षावादी, बुद्धिजीवी डा. राहत इन्दौरी जी का जन्म हुआ। राहत इन्दौरी जी की प्राइमरी और सैकण्डरी तालीम नूतन स्कूल इन्दौर से हुई और सन् 1973 में उन्होंने इस्लामिया करीमिया कालेज से स्नातक (गोल्ड मेडलिस्ट) एवं सन् 1975 में स्नातकोत्तर उर्दू साहित्य में बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय भोपाल से किया। सन् 1985 में उनको अपने शोध “उर्दू में मुशायरा’ केलिए पी.एच.डी की उपाधि से भी नवाज़ा गया। #rahatindori #bollywood #diwanekhas #ghazal

आँखों ही आँखों में इशारा हो गया, बेचैन नज़र बेताब जिगर, यह दिल है किसी का दीवाना,हम इंतज़ार करेंगे, जैसे गाने लिखने वाले शायर जाँ निसार अख़्तर ज़िंदगी की हर एक चीज़ में मुहब्बत का अक्स देख सकते थे, वह असल में एक आम शायर थे। 19 अगस्त 1976 को मुम्बई में उनका देहान्त हो गया। 1980 में उनको फिल्म फेयर लिरिक्स अवार्ड के लिए मरणोपरांत सम्मान के लिए चुना गया।

आँखों ही आँखों में इशारा हो गया, बेचैन नज़र बेताब जिगर, यह दिल है किसी का दीवाना,हम इंतज़ार करेंगे, जैसे गाने लिखने वाले शायर जाँ निसार अख़्तर ज़िंदगी की हर एक चीज़ में मुहब्बत का अक्स देख सकते थे, वह असल में एक आम शायर थे। 19 अगस्त 1976 को मुम्बई में उनका देहान्त हो गया। 1980 में उनको फिल्म फेयर लिरिक्स अवार्ड के लिए मरणोपरांत सम्मान के लिए चुना गया।

रईस वारसी उर्दू के पाकिस्तान से एक मशहूर शायर, कवि लेखक हैं.1 मार्च 1963 की पाकिस्तान के कराची से उनकी पैदाईश है, उनके परिवार के ज़्यादातर सदस्य लेखक और कवि रह चुके हैं. वतर्मान में रईस वारसी यूनाइटेड स्टेट में रहते हैं !!

रईस वारसी उर्दू के पाकिस्तान से एक मशहूर शायर, कवि लेखक हैं.1 मार्च 1963 की पाकिस्तान के कराची से उनकी पैदाईश है, उनके परिवार के ज़्यादातर सदस्य लेखक और कवि रह चुके हैं. वतर्मान में रईस वारसी यूनाइटेड स्टेट में रहते हैं !!

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Jo ho ek baar,wo har baar ho,aisa naheeN hota  hamesha ek hee se payar ho,aisa naheeN hota   kaheeN to koee hoga,jisko apnee bhee zaroorat ho har ek bazi meiN dil ki haar ho,aisa naheeN hota  -Nida Fazli  #nidafazli #ghazal

Jo ho ek baar,wo har baar ho,aisa naheeN hota hamesha ek hee se payar ho,aisa naheeN hota kaheeN to koee hoga,jisko apnee bhee zaroorat ho har ek bazi meiN dil ki haar ho,aisa naheeN hota -Nida Fazli #nidafazli #ghazal

Nind Aankhon mein musalsal* naheeN hone deta  wo mere khwab mukammal* naheeN hoNe deta   dil to kahta hai usse laut ke aaNa hai yahee ye dilasa mujhe pagal naheeN hoNe deta   Musalsal*-Lagatar  Mukammal*-Pura   -Rehana Ruhi

Nind Aankhon mein musalsal* naheeN hone deta wo mere khwab mukammal* naheeN hoNe deta dil to kahta hai usse laut ke aaNa hai yahee ye dilasa mujhe pagal naheeN hoNe deta Musalsal*-Lagatar Mukammal*-Pura -Rehana Ruhi

मुक्तिदा हसन निदा फ़ाज़ली (12 अक्टूबर 1938 - 8 फरवरी 2016) उर्दू और हिन्दी के मशहूर शायर रहें। उन्होंने बीबीसी हिन्दी के लिए विभिन्न सांस्कृतिक विषयों एवं शायरी पर काॅलम भी लिखना शुरू किया था, जो 8 फरवरी 2016 को उनकी अचानक मृत्यू के कारण बीच में ही रह गया।

मुक्तिदा हसन निदा फ़ाज़ली (12 अक्टूबर 1938 - 8 फरवरी 2016) उर्दू और हिन्दी के मशहूर शायर रहें। उन्होंने बीबीसी हिन्दी के लिए विभिन्न सांस्कृतिक विषयों एवं शायरी पर काॅलम भी लिखना शुरू किया था, जो 8 फरवरी 2016 को उनकी अचानक मृत्यू के कारण बीच में ही रह गया।

Muhabbat ki sharafat ki ada hoti naheeN hargiz  har ek iNsan meiN khuwe wafa hoti naheeN hargiz  lagao pead lekiN phale is ka bhee pata karlo  har ek mitti ki fitart meiN wafa honee naheeN hargiz  -Siraj Dehlvi

Muhabbat ki sharafat ki ada hoti naheeN hargiz har ek iNsan meiN khuwe wafa hoti naheeN hargiz lagao pead lekiN phale is ka bhee pata karlo har ek mitti ki fitart meiN wafa honee naheeN hargiz -Siraj Dehlvi

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