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छत्तीसगढ़ साइंस सेंटर पहुंचे बिलासपुर जिले के पंचायत प्रतिनिधियों ने विज्ञान के अविष्कारों का अवलोकन किया। छत्तीसगढ़ के संसाधनों के बारे में यहां विस्तार से बताया गया। ब्लास्ट फरनेस, उद्योगों की स्थापना एवं व्यवस्था, सौरमंडल में ग्रहों की स्थिति, बस्तर की जीवनशैली के संबंध में जाना-समझा। देश-विदेश के विविध अविष्कारों को करीब से देखा।

छत्तीसगढ़ साइंस सेंटर पहुंचे बिलासपुर जिले के पंचायत प्रतिनिधियों ने विज्ञान के अविष्कारों का अवलोकन किया। छत्तीसगढ़ के संसाधनों के बारे में यहां विस्तार से बताया गया। ब्लास्ट फरनेस, उद्योगों की स्थापना एवं व्यवस्था, सौरमंडल में ग्रहों की स्थिति, बस्तर की जीवनशैली के संबंध में जाना-समझा। देश-विदेश के विविध अविष्कारों को करीब से देखा।

इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के संग्रहालय में पारंपरिक घरेलू वस्तुओं का संग्रह देख बिलासपुर जिले के पंचायत प्रतिनिधि बेहद प्रसन्न हुए। संग्रहालय में सूपा, ओखली, ढेकी, मिट्टी के घड़े, जांत आदि अवलोकन प्रतिनिधियों ने किया। विभिन्न आयुर्वेदिक पौधों से तैयार तेल मिश्रण की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। फल-सब्जियों की प्रतिकृति ने उन्हें बेहद लुभाया।

इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के संग्रहालय में पारंपरिक घरेलू वस्तुओं का संग्रह देख बिलासपुर जिले के पंचायत प्रतिनिधि बेहद प्रसन्न हुए। संग्रहालय में सूपा, ओखली, ढेकी, मिट्टी के घड़े, जांत आदि अवलोकन प्रतिनिधियों ने किया। विभिन्न आयुर्वेदिक पौधों से तैयार तेल मिश्रण की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। फल-सब्जियों की प्रतिकृति ने उन्हें बेहद लुभाया।

बिलासपुर जिले के पंच-सरपंचों ने नया रायपुर स्थित मंत्रालय भवन का भ्रमण किया। अनुसूचित-जाति जनजाति विभाग के विशाल हॉल में कर्मचारियों को अपने कामकाज में तल्लीनता से जुटे देखा। रजिस्ट्रार श्री भगवान सिंह कुशवाहा ने उन्हें मंत्रालय की संरचना, व्यवस्था एवं कार्यों की जानकारी दी। रैंप पर चलकर पांचवी मंजिल तक पहुंचे प्रतिनिधियों ने विभिन्न कक्षों का अवलोकन किया।

बिलासपुर जिले के पंच-सरपंचों ने नया रायपुर स्थित मंत्रालय भवन का भ्रमण किया। अनुसूचित-जाति जनजाति विभाग के विशाल हॉल में कर्मचारियों को अपने कामकाज में तल्लीनता से जुटे देखा। रजिस्ट्रार श्री भगवान सिंह कुशवाहा ने उन्हें मंत्रालय की संरचना, व्यवस्था एवं कार्यों की जानकारी दी। रैंप पर चलकर पांचवी मंजिल तक पहुंचे प्रतिनिधियों ने विभिन्न कक्षों का अवलोकन किया।

गांव से शहर तक विकास का पैगाम ...

गांव से शहर तक विकास का पैगाम ...

बिलासपुर जिले के पंच-सरपंचों ने नया रायपुर स्थित मंत्रालय भवन का भ्रमण किया। अनुसूचित-जाति जनजाति विभाग के विशाल हॉल में कर्मचारियों को अपने कामकाज में तल्लीनता से जुटे देखा। रजिस्ट्रार श्री भगवान सिंह कुशवाहा ने उन्हें मंत्रालय की संरचना, व्यवस्था एवं कार्यों की जानकारी दी। रैंप पर चलकर पांचवी मंजिल तक पहुंचे प्रतिनिधियों ने विभिन्न कक्षों का अवलोकन किया।

बिलासपुर जिले के पंच-सरपंचों ने नया रायपुर स्थित मंत्रालय भवन का भ्रमण किया। अनुसूचित-जाति जनजाति विभाग के विशाल हॉल में कर्मचारियों को अपने कामकाज में तल्लीनता से जुटे देखा। रजिस्ट्रार श्री भगवान सिंह कुशवाहा ने उन्हें मंत्रालय की संरचना, व्यवस्था एवं कार्यों की जानकारी दी। रैंप पर चलकर पांचवी मंजिल तक पहुंचे प्रतिनिधियों ने विभिन्न कक्षों का अवलोकन किया।

नया रायपुर स्थित मंत्रालय भवन, जहां सुरक्षा से लेकर हर कार्य बेहद सलीके से होता है। यहां के भ्रमण पर आए मुंगेली जिले के पंच-सरपंचों ने अनुसूचित-जाति जनजाति विभाग के विशाल हॉल में कर्मचारियों को अपने कामकाज में तल्लीनता से जुटे देखा। सेक्शन ऑफिसर श्री एन. पी. मरावी ने उन्हें मंत्रालय की संरचना, व्यवस्था एवं कार्यों की जानकारी दी। रैंप पर चलकर पांचवी मंजिल तक पहुंचे प्रतिनिधियों ने परिसर का अवलोकन किया। जिम में आधुनिक उपकरणों पर कसरत कर प्रतिनिधियों को बहुत आनंद मिला।

नया रायपुर स्थित मंत्रालय भवन, जहां सुरक्षा से लेकर हर कार्य बेहद सलीके से होता है। यहां के भ्रमण पर आए मुंगेली जिले के पंच-सरपंचों ने अनुसूचित-जाति जनजाति विभाग के विशाल हॉल में कर्मचारियों को अपने कामकाज में तल्लीनता से जुटे देखा। सेक्शन ऑफिसर श्री एन. पी. मरावी ने उन्हें मंत्रालय की संरचना, व्यवस्था एवं कार्यों की जानकारी दी। रैंप पर चलकर पांचवी मंजिल तक पहुंचे प्रतिनिधियों ने परिसर का अवलोकन किया। जिम में आधुनिक उपकरणों पर कसरत कर प्रतिनिधियों को बहुत आनंद मिला।

खेती-किसानी के दौरान काम आने वाली पारंपरिक घरेलू वस्तुओं का अनूठा संग्रह इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के संग्रहालय में देखने को मिला,  https://www.facebook.com/hamarcg2016/posts/1171733519591499

खेती-किसानी के दौरान काम आने वाली पारंपरिक घरेलू वस्तुओं का अनूठा संग्रह इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के संग्रहालय में देखने को मिला, https://www.facebook.com/hamarcg2016/posts/1171733519591499

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खेती-किसानी के दौरान काम आने वाली पारंपरिक घरेलू वस्तुओं का अनूठा संग्रह इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के संग्रहालय में देखने को मिला, https://www.facebook.com/hamarcg2016/posts/1171733519591499

छत्तीसगढ़ साइंस सेंटर पहुंचे बिलासपुर जिले के पंचायत प्रतिनिधियों ने विज्ञान के अविष्कारों का अवलोकन किया। छत्तीसगढ़ के संसाधनों के बारे में यहां विस्तार से बताया गया। ब्लास्ट फरनेस, उद्योगों की स्थापना एवं व्यवस्था, सौरमंडल में ग्रहों की स्थिति, बस्तर की जीवनशैली के संबंध में जाना-समझा। देश-विदेश के विविध अविष्कारों को करीब से देखा।

छत्तीसगढ़ साइंस सेंटर पहुंचे बिलासपुर जिले के पंचायत प्रतिनिधियों ने विज्ञान के अविष्कारों का अवलोकन किया। छत्तीसगढ़ के संसाधनों के बारे में यहां विस्तार से बताया गया। ब्लास्ट फरनेस, उद्योगों की स्थापना एवं व्यवस्था, सौरमंडल में ग्रहों की स्थिति, बस्तर की जीवनशैली के संबंध में जाना-समझा। देश-विदेश के विविध अविष्कारों को करीब से देखा।

हमर छत्तीसगढ़ योजना के तहत् अध्ययन-भ्रमण यात्रा पर उपरवारा स्थित राज्य होटल प्रबंधन संस्थान एवं आवासीय परिसर पहुंचे जांजगीर-चांपा जिले के पंचायत प्रतिनिधियों का अधिकारियों ने स्वागत किया। चाय पीकर प्रतिनिधियों ने सफर की थकान उतारी, उसके बाद काउंटर पर पंजीयन कराया। बारी-बारी अपना नाम, पद, गांव, विकासखंड, जिला आदि की जानकारी दी। पंजीयन करने वाले कर्मचारियों ने उन्हें फोटोयुक्त आईडी कार्ड बनाकर दिया। यात्रा कैसी होगी, कहां ले जाएंगे, यह सोचकर प्रतिनिधियों में बेहद उत्सुकता रही।

हमर छत्तीसगढ़ योजना के तहत् अध्ययन-भ्रमण यात्रा पर उपरवारा स्थित राज्य होटल प्रबंधन संस्थान एवं आवासीय परिसर पहुंचे जांजगीर-चांपा जिले के पंचायत प्रतिनिधियों का अधिकारियों ने स्वागत किया। चाय पीकर प्रतिनिधियों ने सफर की थकान उतारी, उसके बाद काउंटर पर पंजीयन कराया। बारी-बारी अपना नाम, पद, गांव, विकासखंड, जिला आदि की जानकारी दी। पंजीयन करने वाले कर्मचारियों ने उन्हें फोटोयुक्त आईडी कार्ड बनाकर दिया। यात्रा कैसी होगी, कहां ले जाएंगे, यह सोचकर प्रतिनिधियों में बेहद उत्सुकता रही।

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