लहजे में "बदजुबानी", चेहरे पे "नक़ाब" लिए फिरते है। जिनके "ख़ुद" के बही खाते बिगड़े हैं, वो "मेरा" हिसाब लिए फिरते हैं!

लहजे में "बदजुबानी", चेहरे पे "नक़ाब" लिए फिरते है। जिनके "ख़ुद" के बही खाते बिगड़े हैं, वो "मेरा" हिसाब लिए फिरते हैं!

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