Pinterest • The world’s catalogue of ideas

आरज़ू ए दिल की ,

3 Pins24 Followers

आरज़ू ए दिल की चश्म ओ चराग ग़मज़दा , घर हो गया है ख़ाक फिर भी रोशनी नहीं । कभी ठहरों नज़रों के रूबरू आँखों से आँखों के दो जाम हो जाएँ , लब

आरज़ू ए दिल की चश्म ओ चराग ग़मज़दा , घर हो गया है ख़ाक फिर भी रोशनी नहीं । कभी ठहरों नज़रों के रूबरू आँखों से आँखों के दो जाम हो जाएँ , लब

आरज़ू ए दिल की चश्म ओ चराग ग़मज़दा , घर हो गया है ख़ाक फिर भी रोशनी नहीं । कभी ठहरों नज़रों के रूबरू आँखों से आँखों के दो जाम हो जाएँ , लब