आलम ए जश्न ए तन्हाई,

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नैनों की बतियाँ दिल को दिल की पतियाँ देती हैं , तुम ज़बान ख़ामोश रखो हिलती डुलती लबों की पंखुड़ियाँ राज़ सब बोल देती हैं । एक ख़्वाब सजा

नैनों की बतियाँ दिल को दिल की पतियाँ देती हैं , तुम ज़बान ख़ामोश रखो हिलती डुलती लबों की पंखुड़ियाँ राज़ सब बोल देती हैं । एक ख़्वाब सजा

नैनों की बतियाँ दिल को दिल की पतियाँ देती हैं , तुम ज़बान ख़ामोश रखो हिलती डुलती लबों की पंखुड़ियाँ राज़ सब बोल देती हैं । एक ख़्वाब सजा

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आलम ए जश्न ए तन्हाई भी अज़ीब है , आस्मां पर सजी चाँद तारों की बारात , गोया ज़मीन के ज़र्रे ज़र्रे को ख़ाक होने की ज़िद है । संगदिल दुनिया

आलम ए जश्न ए तन्हाई भी अज़ीब है , आस्मां पर सजी चाँद तारों की बारात , गोया ज़मीन के ज़र्रे ज़र्रे को ख़ाक होने की ज़िद है । संगदिल दुनिया

आलम ए जश्न ए तन्हाई भी अज़ीब है , आस्मां पर सजी चाँद तारों की बारात , गोया ज़मीन के ज़र्रे ज़र्रे को ख़ाक होने की ज़िद है । संगदिल दुनिया

आलम ए जश्न ए तन्हाई भी अज़ीब है , आस्मां पर सजी चाँद तारों की बारात , गोया ज़मीन के ज़र्रे ज़र्रे को ख़ाक होने की ज़िद है । संगदिल दुनिया

आलम ए जश्न ए तन्हाई भी अज़ीब है , आस्मां पर सजी चाँद तारों की बारात , गोया ज़मीन के ज़र्रे ज़र्रे को ख़ाक होने की ज़िद है । संगदिल दुनिया

आलम ए जश्न ए तन्हाई भी अज़ीब है , आस्मां पर सजी चाँद तारों की बारात , गोया ज़मीन के ज़र्रे ज़र्रे को ख़ाक होने की ज़िद है । संगदिल दुनिया

आलम ए जश्न ए तन्हाई भी अज़ीब है , आस्मां पर सजी चाँद तारों की बारात , गोया ज़मीन के ज़र्रे ज़र्रे को ख़ाक होने की ज़िद है । संगदिल दुनिया

आलम ए जश्न ए तन्हाई भी अज़ीब है , आस्मां पर सजी चाँद तारों की बारात , गोया ज़मीन के ज़र्रे ज़र्रे को ख़ाक होने की ज़िद है । संगदिल दुनिया

आलम ए जश्न ए तन्हाई भी अज़ीब है , आस्मां पर सजी चाँद तारों की बारात , गोया ज़मीन के ज़र्रे ज़र्रे को ख़ाक होने की ज़िद है । संगदिल दुनिया

आलम ए जश्न ए तन्हाई भी अज़ीब है , आस्मां पर सजी चाँद तारों की बारात , गोया ज़मीन के ज़र्रे ज़र्रे को ख़ाक होने की ज़िद है । संगदिल दुनिया

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