तलफ़्फ़ुज़ उनका हलक में अटका है ,

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तलफ़्फ़ुज़ उनका हलक में अटका है , खामोशियों की जिरह इश्क़ की दास्तान सारे बोल रही । हर रोज़ जश्न ए ईद है हर रोज़ दिवाली , जो हैं नए नए वो इश्क़

तलफ़्फ़ुज़ उनका हलक में अटका है , खामोशियों की जिरह इश्क़ की दास्तान सारे बोल रही । हर रोज़ जश्न ए ईद है हर रोज़ दिवाली , जो हैं नए नए वो इश्क़

तलफ़्फ़ुज़ उनका हलक में अटका है , खामोशियों की जिरह इश्क़ की दास्तान सारे बोल रही । हर रोज़ जश्न ए ईद है हर रोज़ दिवाली , जो हैं नए नए वो इश्क़

तलफ़्फ़ुज़ उनका हलक में अटका है , खामोशियों की जिरह इश्क़ की दास्तान सारे बोल रही । हर रोज़ जश्न ए ईद है हर रोज़ दिवाली , जो हैं नए नए वो इश्क़

रंजिशें तो पुख्ता थी दो दिलों की मगर , साँवरे के दो मतवारे नैन धोखे से मार गए । इश्क़ जैसा कुछ होता नहीं ज़माने में , ख्वामख्वाह लोग

रंजिशें तो पुख्ता थी दो दिलों की मगर , साँवरे के दो मतवारे नैन धोखे से मार गए । इश्क़ जैसा कुछ होता नहीं ज़माने में , ख्वामख्वाह लोग

तलफ़्फ़ुज़ उनका हलक में अटका है , खामोशियों की जिरह इश्क़ की दास्तान सारे बोल रही । हर रोज़ जश्न ए ईद है हर रोज़ दिवाली , जो हैं नए नए वो इश्क़

तलफ़्फ़ुज़ उनका हलक में अटका है , खामोशियों की जिरह इश्क़ की दास्तान सारे बोल रही । हर रोज़ जश्न ए ईद है हर रोज़ दिवाली , जो हैं नए नए वो इश्क़

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