रूहानी दायरों से,

5 Pins25 Followers
रूहानी दायरों से होकर कभी गुज़रों नासेह , ज़ख़्मी रूहों की तल्खियां तुमको भी सुनायी दें । उतारने पड़ते हैं सफ़ीने बहते दरिया में , यूँ किनारो

रूहानी दायरों से होकर कभी गुज़रों नासेह , ज़ख़्मी रूहों की तल्खियां तुमको भी सुनायी दें । उतारने पड़ते हैं सफ़ीने बहते दरिया में , यूँ किनारो

रूहानी दायरों से होकर कभी गुज़रों नासेह , ज़ख़्मी रूहों की तल्खियां तुमको भी सुनायी दें । उतारने पड़ते हैं सफ़ीने बहते दरिया में , यूँ किनारो

रूहानी दायरों से होकर कभी गुज़रों नासेह , ज़ख़्मी रूहों की तल्खियां तुमको भी सुनायी दें । उतारने पड़ते हैं सफ़ीने बहते दरिया में , यूँ किनारो

रूहानी दायरों से होकर कभी गुज़रों नासेह , ज़ख़्मी रूहों की तल्खियां तुमको भी सुनायी दें । उतारने पड़ते हैं सफ़ीने बहते दरिया में , यूँ किनारो

रूहानी दायरों से होकर कभी गुज़रों नासेह , ज़ख़्मी रूहों की तल्खियां तुमको भी सुनायी दें । उतारने पड़ते हैं सफ़ीने बहते दरिया में , यूँ किनारो

रूहानी दायरों से होकर कभी गुज़रों नासेह , ज़ख़्मी रूहों की तल्खियां तुमको भी सुनायी दें । उतारने पड़ते हैं सफ़ीने बहते दरिया में , यूँ किनारो

रूहानी दायरों से होकर कभी गुज़रों नासेह , ज़ख़्मी रूहों की तल्खियां तुमको भी सुनायी दें । उतारने पड़ते हैं सफ़ीने बहते दरिया में , यूँ किनारो

रूहानी दायरों से होकर कभी गुज़रों नासेह , ज़ख़्मी रूहों की तल्खियां तुमको भी सुनायी दें । उतारने पड़ते हैं सफ़ीने बहते दरिया में , यूँ किनारो

रूहानी दायरों से होकर कभी गुज़रों नासेह , ज़ख़्मी रूहों की तल्खियां तुमको भी सुनायी दें । उतारने पड़ते हैं सफ़ीने बहते दरिया में , यूँ किनारो

Pinterest • The world’s catalogue of ideas
Search