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Srimad Bhagavad Gita

After 5200 years long interval, Srimad Bhagavad Gita in its authentic and everlasting exposition: Swami Shri Adgadanand Ji Maharaj
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Srimad Bhagavad Gita - Yagya - यज्ञ : परमात्मा में प्रवेश दिलाने वाली विधि यज्ञ है जो इन्द्रिय संयम, मन के निरोध, नाम, जप, श्वास के चिन्तन और ध्यान से होता है। भौतिक द्रव्यों के हवन से वास्तविक यज्ञ का कोई सम्बन्ध नहीं है। Yatharth Geeta

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Bhagavad Gita - गीता गृहस्थों के लिए : गीता उन सभी मनुष्यों के लिये उपयोगी है जो परमात्मा को चाहते हैं। इसका थोड़ा भी साधन जन्म-मरण के भय से उद्धार करने वाला है। आप ही बताए थोड़ा साधन कौन करता है- गृहस्थ या विरक्त ? ~ Quote from Yatharth Geeta

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Yatharth Geeta - आस्तिक : जो नश्वर के पीछे भटक रहा है, नश्वरों की पूजा करता है, वही नास्तिक है जो अस्तित्व का उपासक है, एक मात्र परमात्मा के प्रति श्रध्दावान है वही आस्तिक हैं। Bhagavad Gita

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Srimad Bhagavad Gita - ग्रन्थ : ईश्वर प्राप्ति की निर्दिष्ट क्रिया को समझने के लिये ग्रन्थ उपयोगी हैं और समझ में आते ही उसे करने में लग जाये। अवस्था उन्नत होने पर इष्ट देव ही हृदय से रथी होकर निर्देशन देने लगते हैं। ~ Quote from Yatharth Geeta

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युद्ध : चित्त को सब ओर से समेट कर ध्यान करते समय काम-क्रोध, राग-द्वेष इत्यादि विकार मन को एकाग्र नहीं होने देते इनसे संघर्ष करना, इन विकारों का पार पाना ही वास्तविक युद्ध है। Srimad Bhagavad Gita - Quote from Yatharth Geeta

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Bhagavad Gita Quote - धर्मान्तरण : एक परमात्मा की प्राप्ति के लिये नियत कर्म का आचरण धर्म है। इस आचरण का कभी विनाश नहीं होता। आपके आगामी जन्मों में साधना वहीं से आगे बढ जाती है, जहाँ छूटी है। जब एक ही साधन क्रम जन्मान्तरों तक करना है तो धर्मान्तरण कैसा ? ~Yatharth Geeta

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Yatharth Geeta - सनातन धर्म : धर्म के लिए झगड़े व्यर्थ हैं, विश्व भर में धर्म एक है यदि दो है तो धोखा है। जिसमें सत्य नहीं वह धर्म नहीं। धर्म में यदि सच्चाई नहीं है तो जीवन भी निरर्थक है। Bhagavad Gita

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Yatharth Geeta - Scripture - शास्त्र : परमात्मा में प्रवेश दिलाने वाले क्रियात्मक अनुशासन के नियमों का संकलन ही शास्त्र है। इस दृष्टि से भगवान श्रीकृष्णोक्त गीता सनातन, शाश्वत धर्म का शुद्ध शास्त्र है, जो चारो वेद, उपनिषद, समस्त योगशास्त्र, रामचरित मानस तथा विश्व के सभी दर्शन शास्त्रों का अकेले ही प्रतिनिधित्व करती है। गीता मानवमात्र के लिए धर्म का अतक्र्य शास्त्र है। Bhagavad Gita

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Bhagavad Gita - Dharma - धर्म : ईश्वर की प्राप्ति की निर्दिष्ट क्रिया का आचरण धर्म है इस विधि का सम्पूर्ण शास्त्र श्रीमद्भागवद गीता है जिसकी यथावत व्याख्या “यथार्थ गीता है”। ~ Yatharth Geeta

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Yatharth Geeta - विप्र एक स्थिति : क्रियात्मक पथ पर चलकर ब्रह्म की अनुभूति करने वाले ब्राह्मण हैं। वह क्रिया है केवल एक परमात्मा में निष्ठा। Bhagavad Gita

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